दरबारे तौहीद ओर रिसालत के हुक़ुक़ और आदाब
सुनतो और आदाब
क़ुरआन ओर हदीस की रोशनी में
بسماللہ الرحمن الرحیم
{1} इबादत सिर्फ अल्ल्ला तआला की करना
{2} अल्ला तआला की ताजिम करना
{3} अल्ला तआला से डरते रेहना
{4} अल्ला तआला की इताअत में मशगूल रेहना और ना फर्मानी को छोड देना
{5}अल्ला तआला के सामने आजिज और मोहताज बने रहेना
{6} सिर्फ अल्ला तआला ही पर भरोसा करना
{7} अल्ला तआला के साथ हुस्ने जन रखना
{8} अल्ला तआला से हया करना (यानि हर वो काम जो लोंगो के सामने शर्म और हया की वजह से नहीं क्या जाता उसे अल्लह से शर्म करते हुये बदर्जेऑला न करन)
{9} अल्ला तआला का ज़िक्र बहूत करना
{10} अल्ला तआला से मुलाक़ात की तमन्ना रखना
{11} अल्ला तआला और हुज़ूर की मुहब्बत तमाम चीज़ों की मुहब्बत से ज़्यादा होना
{12} अपने मुआमलात में शरीअत को ही हाकम (फैसल)बनाना
{13} दिन की आसानी का यकीन करना ......
Apne gusse par kese qabu paye









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